एक ही अंक के तीन पत्तों का बिल्कुल सही सेट होने पर भी, किसी दूसरे खिलाड़ी के समाप्त करने पर उसके अंक गिने जा सकते हैं। समूह सही है या नहीं और उसे अंक-गणना से छूट मिलेगी या नहीं, ये अलग सवाल हैं। फर्क समझने के लिए एक सेट वैसा ही रखें और हाथ का दूसरा हिस्सा बदलें।
नीचे के बिना दाँव वाले अभ्यास Pagat के पारंपरिक इंडियन रमी स्कोरिंग नियम पर आधारित हैं। यह एक प्रकाशित नियम का अध्ययन है, सार्वभौमिक स्कोर कैलकुलेटर या Lucky Rummy ऐप का दावा नहीं। किसी प्रारूप में छूट, अधिकतम सीमा और खास दंड उसके अपने मौजूदा निर्देश तय करते हैं।
हाथ के पास छूट की शर्त लिखें
इस नियम में प्योर सीक्वेंस के अपने पत्तों को छूट मिलती है। प्योर सीक्वेंस के साथ दूसरी सीक्वेंस भी हो, तो अन्य सही सीक्वेंस और सेट को भी गणना से बाहर रखा जा सकता है। केवल एक जैसे अंक के तीन पत्ते साथ रखने से दूसरी शर्त पूरी नहीं होती।
दोनों उदाहरणों में दो अंक वाले पत्तों को वाइल्ड मानें। किसी भी हाथ में दो या प्रिंटेड जोकर नहीं है, इसलिए नीचे का कोई पत्ता जोकर होने के कारण शून्य अंक का नहीं है। संख्या वाले पत्तों का अंक उनका अपना मान है; J, Q, K और A का मान दस है। इंडिकेटर तेरह पत्तों के हाथ से बाहर है।
हाथ A: सही सेट है, पर सीक्वेंस केवल एक है
ये तेरह पत्ते रखें: 4♥ 5♥ 6♥ | 8♣ 9♣ K♦ | 5♣ 5♦ 5♠ | 3♦ J♠ A♣ Q♥। खड़ी रेखाएँ अभ्यास की व्यवस्था दिखाती हैं। उनके बीच रखे हर हिस्से को अपने आप सही समूह नहीं माना जाएगा।
दिल के पत्ते प्योर सीक्वेंस बनाते हैं, जिसका छूट से पहले कुल मान 15 है। तीन पाँचों का सही सेट बनता है और उसका मान 15 है। लेकिन 8♣ 9♣ K♦ सीक्वेंस नहीं है। इस हिस्से में बादशाह का अंक और सूट, दोनों गलत हैं। हाथ में कहीं और भी दूसरी सीक्वेंस नहीं है।
चुने गए नियम के अनुसार केवल 4♥ 5♥ 6♥ को गणना से बाहर रखें। गिने जाने वाले पत्ते हैं 8♣ 9♣ K♦, तीन सात और चार अलग बचे पत्ते। उनके उप-योग 27, 15 और 33 हैं, इसलिए कुल 75 है। दूसरी जाँच के लिए पूरे हाथ का मूल योग 90 है और 90 में से 15 घटाने पर 75 मिलता है।
यह 75 इस अभ्यास में गिने जाने वाले पत्तों का उप-योग है। हमने कोई अधिकतम सीमा या अलग दंड नहीं लगाया। पाँचों का सेट गलत नहीं हुआ; इस हाथ में उसे छूट की पात्रता नहीं मिली।
हाथ B: एक बादशाह की जगह दस रखें
तुलना की नई स्थिति में K♦ की जगह 10♣ रखें। बाकी हर पत्ता वैसा ही रहे। हाथ अब है 4♥ 5♥ 6♥ | 8♣ 9♣ 10♣ | 5♣ 5♦ 5♠ | 3♦ J♠ A♣ Q♥। यह दो अभ्यास स्थितियों के बीच किया गया बदलाव है, खेल के दौरान पत्ते अदलने की अनुमति नहीं।
अब चिड़ी के पत्ते दूसरी सीक्वेंस बनाते हैं। चुने गए नियम में दोनों सीक्वेंस और पाँचों का सेट गणना से बाहर हो जाते हैं। केवल 3♦ J♠ A♣ Q♥ बचते हैं, जिनका योग 3 + 10 + 10 + 10 = 33 है।
पूरे हाथ का मूल योग अभी भी 90 है, क्योंकि K♦ और 10♣ दोनों का मान दस है। फिर भी गिने जाने वाले पत्तों का उप-योग 75 से घटकर 33 हो गया। अंतर 42 है: नई छूट पाने वाली चिड़ी की सीक्वेंस के 27 और सेट के 15। पत्ते का मान नहीं बदला; छूट की शर्त बदली है।
कम उप-योग का अर्थ तैयार घोषणा नहीं है
हाथ B में अभी भी चार पत्ते किसी समूह में नहीं हैं। जरूरी सीक्वेंस होने से पूरा तेरह पत्तों का हाथ तैयार नहीं हो जाता। घोषणा के लिए लागू नियमों के अनुसार हर पत्ता सही समूह में होना चाहिए और कोई पत्ता दो समूहों में साझा नहीं हो सकता। स्कोरिंग अभ्यास को तैयार हाथ मानने से पहले घोषणा की जाँच सूची देखें।
आखिरी कागजी जाँच के लिए दोनों स्थितियों में अलग बचे 3♦ की जगह 4♦ रखें। यहाँ इससे कोई नया समूह नहीं बनता। दोनों गिने जाने वाले उप-योग एक-एक बढ़कर 76 और 34 हो जाएँगे, जबकि उनका अंतर 42 रहेगा। यदि आपका बदलाव अलग है, तो देखें कि हाथ A में आपने पाँचों को गलती से छूट तो नहीं दे दी।
जोड़ने के तरीके के लिए पत्तों के अंकों की अभ्यास-पत्रिका और समूहों की परिभाषा के लिए नियमों का परिचय पढ़ें। योग लिखने से पहले यह लिखें कि कौन से पत्ते गिनने का नियम लागू है।
संदर्भ: Pagat, Indian Rummy: Scoring। दोनों पूरे हाथ, एक पत्ते वाली तुलना और जाँच का अभ्यास मौलिक हैं।
