जोकर हाथ में लचीलापन लाता है, लेकिन सबसे अच्छी व्यवस्था अपने आप नहीं चुनता। उसे पहली दिखने वाली खाली जगह पर रखने से हाथ की दूसरी बड़ी कमी छिप सकती है। सही सवाल है: इस जोकर को यहाँ रखने से पूरा हाथ कितना सुधरेगा और इसके बाद कौन-से पत्ते अधूरे रहेंगे?
इस लेख में सामान्य 13-पत्तों वाली इंडियन रमी मानी गई है। उदाहरणों में “PJ” का अर्थ प्रिंटेड जोकर है। जहाँ अलग से न बताया गया हो, बाकी पत्ते सामान्य हैं। अपनी टेबल के वाइल्ड जोकर और डिक्लेरेशन नियम पहले जाँचें।
जहाँ सामान्य पत्ता काम कर रहा हो, वहाँ जोकर न फँसाएँ
प्राकृतिक सीक्वेंस साफ दिखाई देनी चाहिए। यदि 4♥–5♥–6♥ मौजूद है, तो 4♥ और 6♥ के बीच PJ रखकर 5♥ को दूसरी जगह ले जाने से पहले पूरे हाथ की जाँच करें। नई व्यवस्था पूरी दिख सकती है, लेकिन उससे आपकी इकलौती प्राकृतिक सीक्वेंस टूट सकती है।
पहले जोकर के बिना समूह बनाएँ। इससे साफ होगा कि किन खाली जगहों को वास्तव में विकल्प चाहिए। जोकर दूसरी सीक्वेंस या अन्य मान्य समूह में मदद कर सकता है। लेकिन किसी गायब पत्ते की जगह काम करते हुए वह उसी समूह को प्योर सीक्वेंस नहीं बना देता। यह अंतर प्योर सीक्वेंस गाइड में समझाया गया है।
एक जोकर, दो संभावित स्थान
यह 13-पत्तों का हाथ देखें: 4♥ 5♥ 6♥ | 8♣ 9♣ | Q♦ Q♠ | 2♠ 3♠ 4♠ | PJ K♦ 7♦। आपके पास पहले से दो प्राकृतिक सीक्वेंस हैं। PJ से 8♣–9♣–PJ पूरा किया जा सकता है, या Q♦–Q♠–PJ बनाया जा सकता है।
इनमें से कोई भी चुनाव पूरा हाथ तैयार नहीं करता। जोकर क्लब की सीक्वेंस में रखने पर दोनों क्वीन और दो अलग डायमंड बचते हैं। जोकर क्वीन के साथ रखने पर दोनों क्लब और अलग डायमंड बचते हैं। इसलिए जोकर की जगह तय करना एक अस्थायी योजना है, डिक्लेरेशन के लिए तैयार होने का प्रमाण नहीं।
अगले ड्रॉ में 10♣ मिले तो 8♣–9♣–10♣ प्राकृतिक सीक्वेंस बन जाती है और PJ क्वीन के साथ लगाया जा सकता है। फिर भी K♦ और 7♦ की जाँच तथा जरूरी डिस्कार्ड बाकी है। उपयोगी सामान्य पत्ता आने पर जोकर की जगह दोबारा सोचें; पहली व्यवस्था को स्थायी न मानें।
सुंदर दिखते समूहों के बजाय बची कमियाँ गिनें
दो संभावित व्यवस्थाएँ बनाकर हर एक में बचे अकेले पत्ते लिखें। जोकर वाला पूरा समूह बेहतर दिख सकता है, जबकि अधूरे पत्तों की संख्या उतनी ही हो। केवल पूरा किए गए समूह को नहीं, बाकी पत्तों के रास्तों को भी तुलना में शामिल करें।
यदि जरूरी दूसरी सीक्वेंस अभी नहीं बनी है, तो एक सेट पूरा करने से उसकी जरूरत खत्म नहीं होती। PJ सेट में लगाने से पहले देखें कि क्या सीक्वेंस में उसका काम ज्यादा जरूरी है। इसका अर्थ यह नहीं कि जोकर हमेशा सीक्वेंस में ही लगाना चाहिए; फैसला पूरे हाथ की बनावट पर निर्भर है।
हर वास्तविक पत्ते को केवल एक काम दें
मान लें हाथ के एक हिस्से में 5♣ 6♣ 7♣ 7♦ 7♥ PJ हैं। आप 5♣–6♣–7♣ और 7♦–7♥–PJ बना सकते हैं। लेकिन उसी 7♣ को सात के सेट में फिर से नहीं गिन सकते। पत्ते अलग रखने पर गलती साफ दिखती है; तेजी से मन में समूह बनाते समय एक पत्ता दोनों जगह मान लेना आसान है।
कई डेक वाले खेल में उसी पत्ते की दूसरी वास्तविक प्रति हो सकती है, लेकिन वह आपके हाथ में मौजूद होनी चाहिए। स्क्रीन या मन की योजना में दोहराया गया अंक नया पत्ता नहीं है। समूह अलग करके गिनें, फिर तय करें क्या कमी बची है।
हर ड्रॉ के बाद जोकर की छोटी जाँच
पहले प्राकृतिक सीक्वेंस बचाएँ। देखें कि पुनर्व्यवस्था से वह टूटी तो नहीं। फिर नया पत्ता संबंधित समूहों में आजमाएँ। क्या वह किसी विकल्प की जगह ले सकता है? उसके बाद खाली हुए जोकर को तभी बदलें जब पूरा हाथ सुधरे। आखिर में अकेले पत्ते और अधूरी जरूरत लिखें।
बिना दाँव अभ्यास के लिए ऊपर वाले छह पत्तों में से PJ निकालें। क्लब की सीक्वेंस पूरी रहती है, लेकिन बाकी दो सात पूरे सेट नहीं हैं। PJ वापस रखें और उसका ठीक काम बताएँ। इससे उपयोगी जोकर और केवल आकर्षक दिखती व्यवस्था का अंतर समझ आता है।
हाथ पूरा मानने से पहले डिक्लेरेशन चेकलिस्ट देखें। बचे पत्तों की तुलना के लिए डिस्कार्ड गाइड पढ़ें। जोकर की कोई व्यवस्था जीत की गारंटी नहीं देती। बिना दाँव अभ्यास करें और ध्यान कम होने पर रुकें।
नियम संदर्भ: Pagat की इंडियन रमी गाइड। उदाहरण और अभ्यास इस लेख के लिए तैयार किए गए हैं। कवर सांकेतिक चित्र है, गेम का स्क्रीनशॉट नहीं।
